चंडीगढ़, 03 अप्रैल 2026।
पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने एजेएल प्लॉट आवंटन मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बड़ी राहत देते हुए आरोपों से मुक्त कर दिया है। इस प्रकरण में पूर्व कांग्रेस नेता मोतीलाल वोहरा को भी आरोपमुक्त घोषित किया गया, जिनका कुछ वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। सुनवाई के दौरान शुक्रवार को भूपेंद्र सिंह हुड्डा स्वयं अदालत में उपस्थित हुए।
इस मामले में पहले विशेष अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के खिलाफ हुड्डा ने हाईकोर्ट का रुख किया था। उन्होंने विशेष अदालत की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति त्रिभुवन दहिया की एकल पीठ ने टिप्पणी की थी कि पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में आपराधिक मुकदमे को जारी रखना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोप सिद्ध न होने पर आरोप तय करने के आदेशों को निरस्त कर दिया था। हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद विशेष न्यायाधीश राजीव गोयल ने भी उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया, जिससे लंबे समय से चल रहा विवाद समाप्त हो गया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता एस पी एस परमार ने बताया कि हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद पंचकूला अदालत में पुनः आवेदन किया गया था, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह निर्णय दिया। उन्होंने यह भी कहा कि फरवरी माह में दाखिल याचिका के बाद यह प्रक्रिया पूरी हुई।
यह मामला पंचकूला के सेक्टर-6 में लगभग 3360 वर्ग मीटर सरकारी भूखंड के आवंटन से जुड़ा हुआ है। आरोप था कि इस भूखंड को बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर एजेएल को दिया गया। सीबीआई ने इस मामले में हुड्डा के अलावा एचएसवीपी के चार वरिष्ठ अधिकारियों को भी आरोपी बनाया था।










