भोपाल, 25 मार्च।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज अपने जन्मदिन के अवसर पर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बामनेर नदी में एक दर्जन कछुओं को छोड़ेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री टाइगर रिजर्व में चीतों के पुनर्वास के लिए सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमि-पूजन भी करेंगे।
जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी के अनुसार, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है, जो सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों के 72 ग्रामों में फैला हुआ है और इसका कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किलोमीटर है। यह प्रदेश का सातवां और भारत का 54वां टाइगर रिजर्व है। वर्ष 2023 में इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। रिजर्व में वर्तमान में 32 बाघ मौजूद हैं। यह क्षेत्र भेड़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है और यहाँ सर्वाधिक भेड़ियों की संख्या पाई जाती है।
अधिकारी ने बताया कि चीतों के अनुकूल भूमि उपलब्ध होने के कारण शीघ्र ही कूनो अभयारण्य से चीतों को यहां लाकर बसाया जाएगा। अभयारण्य में 240 प्रकार की पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र हैं। यहां टाइगर, पैंथर, भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सुअर, नीलगाय, जंगली सुअर, चौसिंगा, काला हिरण, चिंकारा, कछुआ और मगरमच्छ समेत कई पशु-पक्षी मौजूद हैं। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व पर्यटन के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करता है।












