वाराणसी, 04 अप्रैल 2026।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आयोजित तीन दिवसीय महानाट्य “सम्राट विक्रमादित्य” के शुभारंभ पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच खास आपसी तालमेल और बॉन्डिंग देखने को मिली। बीएलडब्ल्यू परिसर से सर्किट हाउस तक दोनों नेताओं की सहज बातचीत, शारीरिक भावभंगिमा और आत्मीयता ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी। इस बॉन्डिंग को राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यक्रम में भाग लेने के बाद डॉ. मोहन यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि बाबा विश्वनाथ की नगरी में तीन दिवसीय महानाट्य का साक्षी बनना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की न्यायप्रियता और वीरता से युवाओं को परिचित कराने में यह महानाट्य एक सशक्त माध्यम बन रहा है, जो मनोरंजन के साथ गौरवशाली इतिहास को भी जीवंत करता है। मध्य प्रदेश सरकार ने इस अवसर पर 1.01 करोड़ रूपये का 'सम्राट विक्रमादित्य अंतरराष्ट्रीय सम्मान', 21 लाख रूपये का राष्ट्रीय सम्मान और तीन राज्य स्तरीय 5-5 लाख रूपये के सम्मान की घोषणा की।

वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि वाराणसी में आयोजित इस महोत्सव में भारत के स्वाभिमान, नवजागरण और विकास की यात्रा पर आधारित महानाट्य का शुभारंभ हुआ। उन्होंने डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति को कार्यक्रम की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह महानाट्य नई पीढ़ी को अपने मूल्यों और आदर्शों से जोड़ने के एक वृहद अभियान का हिस्सा है।
इस आयोजन ने न केवल नेताओं के बीच आपसी सहयोग और सामंजस्य को प्रदर्शित किया बल्कि युवा पीढ़ी को भारतीय इतिहास और संस्कृति से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंचन, प्रकाश, ध्वनि और कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुति ने दर्शकों को इतिहास का जीवंत अनुभव कराया और सामाजिक तथा सांस्कृतिक संदेश भी दिया।












