लखनऊ, 01 अप्रैल।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई जनपदों में बुधवार को हुई बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों का हाल जाना और उन्हें होने वाली परेशानियों को समझा। उन्होंने जिलाधिकारियों से स्थिति की रिपोर्ट तलब की और अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहते हुए तत्काल राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मौसम की मार झेल रहे किसानों की सुरक्षा और राहत सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बर्बाद हुई फसलों का नुकसान तुरंत आकलित कर संपूर्ण जानकारी एकत्र कराई जाए और प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा दिलाया जाए। राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को फसल नुकसान का संयुक्त सर्वे करने का निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि फसल नुकसान के आंकड़े शीघ्र प्राप्त कर राहत प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाए। उन्होंने फील्ड में सक्रिय रहकर प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने और वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करने की भी हिदायत दी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसानों को समय पर उचित सहायता मिले और उन्हें कोई परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव (कृषि) और राहत आयुक्त से कहा कि वे सीधे फील्ड अधिकारियों से संपर्क में रहें और समन्वय स्थापित करें। सभी सूचनाएं समय पर शासन तक पहुँचाई जाएं, जिससे राहत कार्यों में विलंब न हो। उन्होंने यह भी कहा कि फसल क्षति का आकलन होने के तुरंत बाद मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाए और भुगतान समयबद्ध तरीके से किया जाए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार हमेशा आपदा और विपदा में प्रदेशवासियों के साथ खड़ी रहती है। पहले हुई बारिश से हुए नुकसान का मुआवजा पहले ही दिलाया जा रहा है और बुधवार की बारिश से प्रभावित फसलों का भी शीघ्र मूल्यांकन कराया जाएगा। सभी अधिकारियों को किसानों के हित में संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करने का निर्देश दिया गया है।












