यमुनानगर, 04 अप्रैल।
यमुनानगर जिले में अवैध खनन और खनिज के गैरकानूनी परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने निगरानी तंत्र को और सख्त कर दिया है। उपायुक्त प्रीति ने बताया कि जिले में लगातार विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी पुलिस के साथ समन्वय कर सक्रिय रूप से मैदान में तैनात हैं।
उपायुक्त के अनुसार निगरानी के लिए 19 स्थायी नाके बनाए गए हैं और 8 मोबाइल टीमें दिन-रात गश्त कर रही हैं। इस कदम का उद्देश्य अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई वाहन बिना वैध ई-रवाना दस्तावेज के खनिज परिवहन करता पाया गया, तो उसे तत्काल जब्त किया जाए और नियमानुसार कार्रवाई की जाए। प्रशासन ने अवैध खनन रोकने के लिए विभागीय अधिकारियों और ग्राम पंचायत स्तर तक जिम्मेदारियां तय की हैं।
उपायुक्त ने कहा कि संबंधित क्षेत्रों के अधिकारी, कर्मचारी और सरपंच अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करेंगे। यदि किसी क्षेत्र में अवैध खनन या किसी अन्य स्थान पर खनन की जानकारी समय पर नहीं दी जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह होंगे और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि केवल प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थलों पर ही खनन की अनुमति होगी, अन्यत्र पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।












