नई दिल्ली, 20 मार्च।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका की ओर से ऊर्जा ढांचे पर अतिरिक्त हमले नहीं करने और ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील के संकेत मिलने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का रुख दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी 95 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के नीचे कारोबार कर रहा है।
गुरुवार को 119 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने के बाद ब्रेंट क्रूड ने शुक्रवार को 106.48 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती सत्र में ही कीमतें फिसलकर 104.96 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। हालांकि इसके बाद इसमें हल्की रिकवरी देखी गई और भारतीय समयानुसार सुबह 11:30 बजे यह 106.73 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
इसी प्रकार डब्ल्यूटीआई क्रूड ने 93.69 डॉलर प्रति बैरल पर दिन की शुरुआत की और थोड़ी ही देर में गिरकर 92.47 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इसके बाद इसमें कुछ सुधार हुआ और 11:30 बजे के आसपास यह 93.55 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
स्पॉट बाजार के साथ-साथ फ्यूचर्स ट्रेडिंग में भी गिरावट का रुख बना हुआ है। ब्रेंट फ्यूचर्स 1.24 डॉलर यानी 1.10 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 107.41 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि डब्ल्यूटीआई फ्यूचर्स 1.26 डॉलर यानी 1.31 प्रतिशत गिरकर 94.90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिका और इजरायल की ओर से नरमी के संकेत मिलने से बाजार में सकारात्मक धारणा बनी है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के साथ तनाव जल्द समाप्त होने की संभावना जताई है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जमीनी सैन्य कार्रवाई से दूरी बनाए रखने की बात कही है।
इसके अतिरिक्त अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने टैंकरों में पहले से मौजूद ईरानी तेल पर प्रतिबंध हटाने का संकेत दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अमेरिका अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से कच्चा तेल बाजार में जारी कर सकता है, ताकि कीमतों को नियंत्रित किया जा सके। इन घटनाक्रमों से वैश्विक तेल बाजार में राहत की उम्मीद बढ़ी है और कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है।












