काठमांडू, 27 अप्रैल
भारत के मणिपुर स्थित संगाई इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से जुड़े 98 पूर्व नेपाली छात्रों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है, जिसके बाद उनकी डिग्रियों की वैधता पर सवाल उठने लगे हैं।
नेपाल के त्रिभुवन विश्वविद्यालय द्वारा इस पूरे मामले की जांच की जा रही है और इसी क्रम में इन सभी छात्रों के नाम सार्वजनिक करते हुए उन्हें 35 दिनों के भीतर अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है, जिससे उनकी उपाधियों की वैधता साबित हो सके।
इस बीच भारत के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने 15 मई 2024 को संगाई इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी को अपनी मान्यता सूची से बाहर कर दिया था और साथ ही इस संस्थान द्वारा जारी सभी डिग्रियों को उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरी के लिए अवैध घोषित कर दिया गया था।
इसी विश्वविद्यालय से संबंधित पूर्व छात्रों ने समकक्षता प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए त्रिभुवन विश्वविद्यालय में आवेदन किया था, जिसके बाद विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम विकास केंद्र ने इन सभी छात्रों का विवरण सार्वजनिक कर दिया।
जारी सूचना में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित छात्रों के नाम पर जारी समकक्षता प्रमाणपत्रों की जांच चल रही है और इसलिए उन्हें सूचना जारी होने की तिथि से 35 दिनों के भीतर अपने मूल प्रमाणपत्र और शैक्षणिक उपाधियों की वैधता सिद्ध करने वाले सभी दस्तावेज लिखित रूप में जमा करने होंगे।








