नई दिल्ली, 27 अप्रैल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम का दो दिवसीय दौरा आज से शुरू हो रहा है, जिसके बाद मंगलवार शाम वे उत्तर प्रदेश के वाराणसी पहुंचेंगे और दोनों राज्यों में हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे।
सिक्किम में प्रधानमंत्री 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे, जबकि वाराणसी में वे 6,350 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का लोकार्पण और आधारशिला रखेंगे। इस यात्रा की जानकारी आधिकारिक विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई है।
प्रधानमंत्री आज दोपहर लगभग तीन बजे गंगटोक पहुंचेंगे और 28 अप्रैल की सुबह ऑर्किडेरियम का दौरा करेंगे, जिसे राज्य की पुष्प और पारिस्थितिक धरोहर को प्रदर्शित करने वाले आधुनिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
इसके बाद वे पालजोर स्टेडियम में सिक्किम राज्य स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित समापन समारोह में भाग लेंगे, जहां वे कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे।
इन परियोजनाओं में बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पर्यटन, कृषि और शहरी विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। नामची में 100 बेड का आयुर्वेद अस्पताल, देवराली में सोवा रिग्पा अस्पताल, सिक्किम विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर, और कई शैक्षणिक संस्थानों का उद्घाटन भी किया जाएगा।
कनेक्टिविटी सुधार के तहत दो नए स्टील ब्रिज, सड़क विस्तार परियोजनाएं और अंतर-जिला संपर्क बढ़ाने वाली योजनाओं का भी शिलान्यास होगा। बिजली, शहरी विकास और पर्यावरण से जुड़ी कई परियोजनाएं भी इस दौरान शुरू की जाएंगी।
पर्यटन और तीर्थ क्षेत्र में कई परियोजनाओं के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि प्रसंस्करण इकाइयों और खेल सुविधाओं का भी उद्घाटन किया जाएगा।
इसके बाद प्रधानमंत्री वाराणसी पहुंचकर महिला सम्मेलन में भाग लेंगे और वहां 6,350 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे। अगले दिन काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के बाद वे हरदोई में गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे।
वाराणसी में 48 परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, जिनमें सड़क, रेल, सीवेज ट्रीटमेंट, जल जीवन मिशन, पर्यटन और खेल सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।
साथ ही 112 से अधिक नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, जिनमें अस्पताल, बाजार, घाट विकास और शहरी अवसंरचना शामिल हैं। किसानों को डेयरी से जुड़ा बोनस भी हस्तांतरित किया जाएगा।
रेलवे क्षेत्र में नई लाइनों, पुलों और दो अमृत भारत ट्रेनों का शुभारंभ किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और तीर्थ यात्रा को बढ़ावा मिलेगा।
गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन इस यात्रा का प्रमुख हिस्सा होगा, जो 594 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड कॉरिडोर है और कई जिलों को जोड़ते हुए यात्रा समय और परिवहन दक्षता में बड़ी कमी लाएगा।
यह परियोजना कृषि, उद्योग, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में व्यापक आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी और एक मजबूत एक्सप्रेस-वे नेटवर्क की रीढ़ बनेगी।







