नई दिल्ली, 27 अप्रैल
राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, क्योंकि आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सात सांसदों को सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है, जिससे सदन में पार्टी की ताकत 106 से बढ़कर 113 हो गई।
राज्यसभा सचिवालय की ओर से सोमवार को सभी दलों की अद्यतन सदस्य सूची जारी की गई, जिसमें इन सात सांसदों को भाजपा के सदस्यों की श्रेणी में शामिल किया गया, जिससे उच्च सदन में पार्टी की स्थिति और अधिक मजबूत हो गई।

यह परिवर्तन उस समय सामने आया जब 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी से अलग होकर भाजपा में शामिल होने वाले राघव चड्ढा, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप कुमार पाठक, डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता को अब आधिकारिक रूप से भाजपा संसदीय दल का हिस्सा मान लिया गया।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस घटनाक्रम की पुष्टि सोशल मीडिया मंच पर करते हुए बताया कि सभापति ने इन सातों सांसदों के भाजपा में विलय को स्वीकार कर लिया है और अब ये सभी भाजपा संसदीय दल के सदस्य हैं।
उन्होंने आगे इन सांसदों के आचरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने संसदीय कार्यकाल के दौरान अनुशासन और मर्यादा का पालन किया है तथा किसी भी प्रकार की अनुचित भाषा या गैर-संसदीय व्यवहार नहीं किया। इसे उन्होंने सकारात्मक संसदीय राजनीति का उदाहरण बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में सभी का स्वागत किया जाता है और विपक्षी गठबंधन पर टिप्पणी करते हुए उसे समाप्त होने की स्थिति में बताया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम से राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी की स्थिति और अधिक सशक्त होगी, जिससे आगामी विधायी कार्यों में पार्टी को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है, खासकर ऐसे समय में जब उच्च सदन में संख्या बल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।







