आसनसोल, 03 अप्रैल।
दुर्गापुर विधानसभा सीट का राजनीतिक परिदृश्य हमेशा ही उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 1962 में इस सीट के गठन के बाद आसनसोल-दुर्गापुर क्षेत्र में विधानसभा सीटों की संख्या छह से बढ़कर सात हो गई। रानीगंज, जामुड़िया और दुर्गापुर जैसे इलाके लंबे समय तक वामपंथी दलों के गढ़ के रूप में पहचाने जाते रहे हैं।
इस सीट की खासियत यह रही है कि यहां किसी एक पार्टी का लगातार वर्चस्व कम ही रहा, और उम्मीदवारों के लगातार दो बार जीतने के अवसर बहुत ही सीमित रहे हैं। कुल 15 चुनावों में माकपा ने 11 बार जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस को दो-दो बार सफलता मिली।
पहले चुनाव में कांग्रेस के आनंद गोपाल मुखर्जी विजयी रहे, लेकिन 1967 में माकपा के दिलीप कुमार मजूमदार ने उन्हें हराकर वामपंथी राजनीति की मजबूत नींव रखी। दिलीप मजूमदार ने इसके बाद कई चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया। 1969 और 1971 के मध्यावधि चुनावों में भी उन्होंने जीत दर्ज की और 1972 में कांग्रेस के तपन दास गुप्ता को हराकर अपनी पकड़ और मजबूत की।
1982 और 1987 में भी उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवारों को मात दी और 1991 में सातवीं बार जीतकर इस सीट से रिकॉर्ड कायम किया। यह रिकॉर्ड आज भी यादगार है और वामपंथी प्रभाव की पुष्टि करता है।
1996 में माकपा ने नया उम्मीदवार मृणाल बनर्जी को उतारा। उन्होंने 2001 और 2006 में लगातार जीत दर्ज कर हैट्रिक पूरी की।
2011 में परिसीमन के बाद यह सीट दुर्गापुर पूर्व के नाम से जानी जाने लगी। इसी साल तृणमूल कांग्रेस के डॉ. निखिल कुमार बनर्जी ने पहली बार जीत दर्ज कर माकपा को परास्त किया। 2016 में माकपा ने संतोष देव राय के माध्यम से सीट पर फिर कब्जा जमाया।
2021 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के प्रदीप मजूमदार ने भाजपा के दिव्यांशु चौधरी को हराकर लगातार दूसरी बार जीत हासिल की। इस चुनाव में माकपा तीसरे स्थान पर रही, जो राजनीतिक बदलाव का संकेत था।
2026 के चुनाव में मुकाबला फिर दिलचस्प हो गया है। तृणमूल कांग्रेस से प्रदीप मजूमदार, भाजपा से चंद्रशेखर बनर्जी, माकपा से सीमांत चटर्जी और कांग्रेस से देवेश चक्रवर्ती मैदान में हैं। नामांकन की अंतिम तिथि 6 अप्रैल तय की गई है।
दुर्गापुर सीट का इतिहास दर्शाता है कि यहां सत्ता परिवर्तन आम है और मतदाता समय-समय पर नए विकल्प को अपनाते रहे हैं। इस बार यह देखना रोचक होगा कि माकपा पुरानी परंपरा को दोहरा पाती है या तृणमूल कांग्रेस लगातार जीत का सिलसिला कायम कर नया इतिहास रचती है।











