आसनसोल, 03 अप्रैल।
आसनसोल साउथ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल के हलफनामों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान उनकी आय, संपत्ति और कानूनी स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए हैं।
वर्ष 2015-16 से 2019-20 तक, यानी विधायक बनने से पहले, अग्निमित्रा पाल की कुल आय 81.49 लाख रुपये थी और उनकी औसत वार्षिक आय 16.29 लाख रुपये रही। लेकिन विधायक बनने के बाद, 2020-21 से 2024-25 तक उनकी कुल आय घटकर 18.65 लाख रुपये रह गई, जिससे सालाना औसत आय केवल 3.73 लाख रुपये रह गई। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि विधायक बनने के बाद उनकी आय में काफी कमी आई है।
संपत्ति के मामले में 2021 और 2026 के हलफनामों की तुलना में चल संपत्ति में खासा इजाफा हुआ है। 2021 में उनकी चल संपत्ति 1.10 करोड़ रुपये थी, जो 2026 में बढ़कर 2.56 करोड़ रुपये हो गई। इसके पीछे मुख्य वजह उनके पास मौजूद लगभग 830 ग्राम सोने के आभूषणों की कीमत में वृद्धि बताई गई है। वहीं, अचल संपत्ति लगभग स्थिर रही और 1.28 करोड़ रुपये के आसपास दर्ज की गई।
कर्ज के मामले में भी कमी देखी गई। 2021 में उनका कर्ज 19.71 लाख रुपये था, जो 2026 में घटकर लगभग 12.01 लाख रुपये रह गया।
परिवार की आय के संदर्भ में, 2021 के हलफनामे में उनके पति की आय का जिक्र था, जिसमें 2015-16 से 2019-20 के बीच कुल आय 52.75 लाख रुपये बताई गई थी। लेकिन 2026 के हलफनामे में पति की आय का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
आपराधिक मामलों की स्थिति पर नजर डालें तो, 2021 के हलफनामे में उनके खिलाफ केवल दो मामलों का उल्लेख था, लेकिन 2026 तक यह संख्या बढ़कर 18 हो गई। इन मामलों में विभिन्न वर्षों में दर्ज शिकायतें शामिल हैं, जिनमें आसनसोल, खड़गपुर, आगरा, रानीगंज, भवानीपुर और बीरभूम समेत कई स्थानों की रिपोर्टें शामिल हैं।
इस तरह उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों में हुई बढ़ोतरी राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण पहलू के रूप में उभरकर सामने आई है।












