गुवाहाटी, 31 अक्टूबर।
केंद्रीय शिक्षा एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने कहा कि विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) लोकतंत्र को कमजोर करने की नहीं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की संवैधानिक पहल है। इसका उद्देश्य मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित और एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं की पहचान कर शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना है।
भाजपा के असम प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मजूमदार ने बताया कि स्वतंत्र भारत में अब तक एसआईआर की 12 प्रक्रियाएं हुई हैं, जिनमें 10 कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में आयोजित की गई थीं। उन्होंने सवाल किया कि पहले स्वीकार की गई प्रक्रिया पर अब आपत्ति क्यों जताई जा रही है।
मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाने के दावे पर उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा पूरी तरह समझना जरूरी है। इसमें 6.3 करोड़ संभावित रूप से स्थायी रूप से स्थानांतरित, तीन करोड़ सत्यापन के दौरान अनुपस्थित, 2.8 करोड़ मृत और एक करोड़ दोहरे पंजीकरण वाले मतदाता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जांच के लिए चिह्नित नामों को अंतिम रूप से हटाया गया बताना भ्रामक है।
मजूमदार ने विभिन्न राज्यों के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मृत और दोहरे पंजीकरण वाले मतदाताओं की पहचान देशभर में हुई है। उन्होंने कांग्रेस पर एसआईआर के संबंध में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।
उन्होंने बताया कि प्रक्रिया में बूथ स्तर के अधिकारियों द्वारा तीन बार घर-घर सत्यापन, 20 लाख से अधिक बूथ स्तरीय एजेंटों की भागीदारी, मसौदा सूची का प्रकाशन और दावे-आपत्तियों के साथ अपील की व्यवस्था है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के निर्णय के विरुद्ध मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक अपील की जा सकती है। उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड में 60 लाख से अधिक विवादित नामों की जांच के लिए 700 से अधिक कार्यरत न्यायिक अधिकारी तैनात हैं।
उन्होंने दावा किया कि जून 2025 से 18 से 28 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 2.37 करोड़ नए मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाताओं का पंजीकरण पूरे वर्ष किया जा सकता है।
मजूमदार ने कहा कि कांग्रेस का चुनावी पतन एसआईआर से पहले शुरू हो चुका था। उन्होंने राजनीतिक दलों से मतदाताओं के फैसले का सम्मान करने और संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास बनाए रखने की अपील की।
















