लखनऊ, 31 अक्टूबर।
उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर कुशल मानव संसाधन का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोकभवन सभागार में 1,725 करोड़ रुपये की सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम सरदार पटेल की 151वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित हुआ।
मुख्यमंत्री ने योजना का आधिकारिक पोर्टल शुरू किया। पहले चरण में लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, झांसी और गौतमबुद्ध नगर में कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्रों की आधारशिला रखी गई। इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित करने की योजना है।
प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि राज्य के 75 जिलों को नौ विशेष रोजगार क्षेत्रों में बांटकर केंद्रों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। हब-एंड-स्पोक मॉडल के जरिए गांवों और कस्बों के युवाओं को भी प्रशिक्षण व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। कला, वाणिज्य, औद्योगिक प्रशिक्षण और इंजीनियरिंग की पृष्ठभूमि वाले युवाओं को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण मिलेगा।
इन केंद्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, डेटा विज्ञान और देशी-विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे युवाओं के लिए देश के साथ विदेशों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य है।
योजना को सार्वजनिक-निजी सहभागिता के आधार पर लागू किया जाएगा। पहले चरण में संबंधित औद्योगिक विकास प्राधिकरणों और विभागों के सहयोग से केंद्र विकसित होंगे। निर्माण कार्य तीन वर्ष में पूरा करना अनिवार्य होगा। प्रशिक्षणार्थियों की सुविधा के लिए केंद्रों को चार लेन की सड़कों से राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के साथ जोड़ा जाएगा।
कौशल केंद्रों में आवासीय छात्रावास, आधुनिक कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, रोजगार सहायता केंद्र और सेवायोजन कार्यालय होंगे। प्रशिक्षण के साथ कंपनियों में नियुक्ति के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी। उद्यम शुरू करने के इच्छुक युवाओं को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और मुद्रा योजना के तहत ऋण तथा औजारों की सहायता दिलाने का प्रावधान है।
लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति और औजार वितरितकार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति के चेक और औजारों की किट प्रदान की। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम योजना के तहत तकनीकी उन्नयन के लिए कृष्णा मेटल इंडस्ट्रीज के अमन अग्रवाल, श्रीराम प्लास्टिक की अंजना धवन और गोमती हेल्दी न्यूट्रिशन के कुणाल बत्रा को पांच-पांच लाख रुपये दिए गए।
आरआर एग्रो इंडस्ट्रीज, सुल्तानपुर के अजीत साहू को 20.17 लाख रुपये और सिरमौर डिटर्जेंट, बरेली के प्रभजोत सिंह को 63 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के अंतर्गत नेहा फ्लावर डेकोरेशन की नेहा कुमारी और रामा डिजिटल लाइब्रेरी के बलवीर यादव को पांच-पांच लाख रुपये मिले। बुटीक व्यवसाय के लिए विजय लक्ष्मी श्रीवास्तव को चार लाख रुपये, अंजली गुप्ता को पांच लाख रुपये और वेब विकास एवं सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं के लिए वासुदेव वाजपेयी को पांच लाख रुपये की सहायता दी गई।
एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत चिकनकारी उत्पाद के लिए कमलेश गुप्ता, रायबरेली के दिलीप कुमार को काष्ठ कला और बाराबंकी की नीलम को वस्त्र उत्पाद के क्षेत्र में प्रोत्साहित किया गया। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत सीतापुर की संगीता और सुधाकर शर्मा को औजारों की किट दी गई।
आठ संस्थाओं के साथ समझौतेमुख्यमंत्री की मौजूदगी में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग और आठ कॉर्पोरेट तथा अन्य संस्थाओं के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। इनका उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ना है।
सरकार की ओर से आयुक्त एवं निदेशक के. विजेंद्र पांडियन ने टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स, अशोक लीलैंड, बीवीजी समूह, पीटीसी इंडस्ट्रीज, केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, एशियाई विकास बैंक, अवाडा समूह और मिंडा के प्रतिनिधियों के साथ समझौते किए।
इस अवसर पर संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि और अधिकारी भी उपस्थित रहे।
















