नई दिल्ली, 21 मार्च।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को ‘प्रारंभ 2026’ लॉन्च किया, जो आयकर विभाग का देशव्यापी जागरूकता अभियान है और इसका उद्देश्य नए आयकर अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के बारे में नागरिकों को जानकारी देना है, जो 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा।
इस अभियान में प्रिंट, टेलीविजन, रेडियो, डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि आसान संचार, मार्गदर्शन सामग्री और सार्वजनिक सहभागिता के माध्यम से नए कर प्रणाली की समझ बढ़ाई जा सके। इसी अवसर पर वित्त मंत्री ने उन्नत आयकर वेबसाइट 2.0 भी लॉन्च की, जिसे बेहतर नेविगेशन, उपयोग में आसानी और कुशल सेवा प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
निर्मला सीतारमण ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए स्थिर और सरल कर प्रणाली की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि बार-बार बदलाव से स्वैच्छिक अनुपालन प्रभावित होता है। उन्होंने अपील की कि कर प्रशासन सहानुभूतिपूर्ण, प्रौद्योगिकी-संचालित और भरोसे पर आधारित हो।
वित्त मंत्री ने बताया कि इस नए कानून के तहत प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में पहली बार बड़े बदलाव किए जा रहे हैं, जिन्हें अधिक नागरिक-केंद्रित और सुलभ बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
अभियान में ब्रोशर, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs), ट्यूटोरियल वीडियो और 10 क्षेत्रीय भाषाओं में बहुभाषी संचार सामग्री भी शामिल है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंच सके। राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि नया कानून एक आसान और उपयोगकर्ता-अनुकूल कर प्रणाली की दिशा में बदलाव दर्शाता है और ‘प्रारंभ’ के तहत 300 से अधिक कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी।
सीबीडीटी के अध्यक्ष रवि अग्रवाल ने नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर दिया और बताया कि अभियान का उद्देश्य करदाताओं के लिए अनुपालन को आसान बनाना और स्पष्ट संचार सुनिश्चित करना है। इस पहल के तहत एआई चैटबॉट ‘कर साथी’ लॉन्च किया गया है और पूरे देश में आयकर सेवा केंद्रों के माध्यम से सहायता दी जाएगी।
सरकार ने डिजिटल उपकरणों और माईगॉव सहभागिता पहलों के जरिए विशेष रूप से युवाओं और पेशेवरों के बीच नए कर ढांचे के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया है।












