नई दिल्ली, 30 मार्च।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि देश के बैंक अपने ग्राहकों की जानकारी की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कानूनी और नियामक नियमों के तहत काम कर रहे हैं। उन्होंने यह जानकारी सदस्यों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में साझा की।
वित्त मंत्री ने कहा कि ‘अपने ग्राहक को जानें’ (केवाईसी) प्रणाली और भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्देशों के अनुसार बैंकों के लिए ग्राहकों के डेटा की सुरक्षा बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंक केवल आवश्यकता अनुसार ही ग्राहकों की जानकारी जमा करते हैं और जरूरत पड़ने पर ही अधिकृत एजेंसियों के साथ साझा करते हैं।
निर्मला सीतारमण ने बताया कि बैंकिंग क्षेत्र में डेटा सुरक्षा के लिए पांच मुख्य कानून लागू हैं। इनमें भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम, बैंकिंग कंपनी अधिनियम, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अधिनियम, क्रेडिट सूचना कंपनी अधिनियम और सार्वजनिक वित्तीय संस्थान अधिनियम शामिल हैं। सभी बैंकों के लिए इन कानूनों का पालन करना अनिवार्य है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी ग्राहक को धोखाधड़ी या बिना अनुमति डेटा साझा किए जाने की शिकायत हो, तो वह भारतीय रिज़र्व बैंक या संबंधित प्राधिकरण में शिकायत दर्ज करा सकता है। इन मामलों में संबंधित संस्थाएं जांच कर उचित कार्रवाई करती हैं।
वित्त मंत्री ने सदन को भरोसा दिलाया कि सरकार बैंकिंग प्रणाली में ग्राहकों के डेटा की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और इस दिशा में निरंतर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।












