नई दिल्ली,02 अप्रैल।
रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव गुरुवार तड़के नई दिल्ली पहुंचे, जहां उनका पालम हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उनका यह दौरा रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर उच्च स्तरीय चर्चा के लिए किया गया है।
विदेश मंत्रालय ने मंटुरोव का हार्दिक स्वागत करते हुए बताया कि इस यात्रा के दौरान वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर से परामर्श करेंगे और अन्य द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। यात्रा का उद्देश्य भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देना बताया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, मंटुरोव अपनी यात्रा में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा और व्यापार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
हाल ही में अमेरिकी प्रतिबंधों में एक महीने की छूट मिलने के बाद रूस एक बार फिर भारत का सबसे बड़ा कच्चे तेल सप्लायर बनकर उभरा है। इससे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई गति मिलने की संभावना है।
इससे पहले 30 मार्च को विदेश सचिव विक्रम मिसरी और रूसी उप विदेश मंत्री एंड्री रुडेंको ने नई दिल्ली में द्विपक्षीय परामर्श किया था। इस बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श किया।
इसके साथ ही दोनों देशों ने दिसंबर में नई दिल्ली में हुए भारत-रूस शिखर सम्मेलन के दौरान लिए गए निर्णयों के कार्यान्वयन में हुई प्रगति का भी आकलन किया। इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना था।
भारत में मंटुरोव की बैठकों के दौरान पश्चिम एशिया संघर्ष के व्यापक आर्थिक प्रभाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में संभावित व्यवधान पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।


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