नई दिल्ली, 07 अप्रैल।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक का दूसरा दिन जारी है। यह समीक्षा प्रक्रिया सोमवार से शुरू हुई थी और इसके निष्कर्षों की घोषणा बुधवार सुबह 10 बजे आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा की जाएगी।
केंद्रीय बैंक ने ‘एक्स’ के माध्यम से जानकारी दी कि मौद्रिक नीति के निर्णय 8 अप्रैल को सार्वजनिक किए जाएंगे। गवर्नर संजय मल्होत्रा उसी दिन सुबह तय समय पर बैठक के फैसलों का ऐलान करेंगे।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने आर्थिक संतुलन को प्रभावित किया है, जिससे नीति निर्धारण की प्रक्रिया जटिल हो गई है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की यह पहली एमपीसी बैठक 8 अप्रैल तक चलेगी।
आर्थिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और इसे 5.25 प्रतिशत पर ही बनाए रखा जा सकता है। उनका मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता, महंगे तेल और मुद्रा पर दबाव के चलते आरबीआई फिलहाल सतर्क रुख अपनाएगा। बैठक में ब्याज दरों के साथ-साथ महंगाई के रुझान पर भी विचार किया जा रहा है।
रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक कर्ज उपलब्ध कराता है। इसमें बदलाव का असर सीधे लोन, ईएमआई, बचत और निवेश पर पड़ता है। इससे पहले फरवरी 2026 में हुई पिछली बैठक में भी इस दर को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया था। हालांकि, फरवरी 2025 से अब तक इसमें कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की जा चुकी है। आखिरी बार दिसंबर 2025 में इसे 0.25 प्रतिशत घटाकर 5.25 प्रतिशत किया गया था।


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