शिमला, 08 मई।
हिमाचल प्रदेश की बढ़ती कर्जग्रस्त स्थिति और आर्थिक हालात को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला किया है और आरोप लगाया है कि प्रदेश को आर्थिक संकट की ओर धकेल दिया गया है।
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने कहा कि मौजूदा सरकार कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और दैनिक प्रशासनिक खर्चों को पूरा करने के लिए लगातार ऋण लेने पर मजबूर है, जिससे राज्य की वित्तीय स्थिति और अधिक कमजोर होती जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि सरकार एक बार फिर 500 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने की तैयारी में है, जबकि इससे पहले भी भारी मात्रा में ऋण लिया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद आर्थिक सुधार की स्थिति नजर नहीं आ रही है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के पास कोई स्पष्ट आर्थिक रणनीति या मजबूत वित्तीय योजना नहीं है, जिसके कारण आर्थिक प्रबंधन पूरी तरह असंतुलित हो गया है।
उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार जनता को राहत देने में विफल रही है और उल्टा डीजल पर वैट बढ़ाने, बिजली दरों में वृद्धि करने तथा कई मुफ्त सुविधाओं को समाप्त करने जैसे कदम उठाए गए हैं, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।
राकेश जमवाल ने यह भी कहा कि बढ़ते टैक्स और उपकरों के कारण आम नागरिक पहले से ही महंगाई और बेरोजगारी के दबाव में है, जबकि सरकार कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर भी कठिन स्थिति में पहुंच गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने में अधिक सक्रिय है, जिससे प्रशासनिक असंतुलन की स्थिति बनी हुई है।
भाजपा नेता ने पूर्व सीपीएस से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि न्यायालय की सख्त टिप्पणियों के बावजूद सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और जिन नियुक्तियों को निरस्त किया जा चुका है, उनसे जुड़े लोग अभी भी सरकारी सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं, जो संवैधानिक व्यवस्था की अनदेखी है।



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