जोधपुर, 02 अप्रैल 2026।
राज्य उपभोक्ता आयोग ने एटीएम कार्ड में प्रदत्त बीमा के तहत कार्डधारक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर एक्सिस बैंक को जिम्मेदार मानते हुए नॉमिनी को दो लाख रुपये देने का आदेश दिया है। आयोग ने जिला आयोग जोधपुर के परिवाद अस्वीकार करने के तर्कों को गलत करार दिया।
अपीलार्थी भूपेंद्र सिंह ने राज्य आयोग के समक्ष बताया कि उनके भाई ने एक्सिस बैंक में बचत खाता खुलवाया था और वह नॉमिनी थे। बैंक ने उन्हें एटीएम कार्ड जारी किया था, जिसमें दुर्घटना में मृत्यु होने पर दो लाख रुपये का बीमा कवर था। जनवरी 2018 में उनके भाई छत पर लगी डिश चेक करने के दौरान पैर फिसलने से नीचे गिर गए और रास्ते में अस्पताल जाते समय उनकी मृत्यु हो गई।
अपीलार्थी ने बैंक में वीसा प्लेटिनियम कार्ड के बीमा का दावा किया, लेकिन बैंक ने दावा 90 दिन बाद प्रस्तुत करने के आधार पर अस्वीकार कर दिया। इसके बाद अपीलार्थी ने जिला आयोग में परिवाद प्रस्तुत किया, जिसे अस्वीकार कर दिया गया।
राज्य आयोग ने सुनवाई के दौरान पाया कि कार्डधारक की मृत्यु 16 जनवरी 2018 को हुई थी और क्लेम आवेदन मार्च 2018 में जमा हुआ। एफएसएल रिपोर्ट देर से प्राप्त हुई और अंतिम परिणाम 10 दिसंबर 2018 को आया। अपीलार्थी ने सभी दस्तावेज तुरंत बैंक में जमा करवा दिए। बैंक ने दस्तावेज 90 दिन में बीमा कंपनी को प्रेषित नहीं किए, जिससे स्वयं बैंक की गलती साबित होती है।
आयोग ने अपील स्वीकार कर अपीलार्थी को परिवाद प्रस्तुत करने की तिथि मई 2019 से 9 प्रतिशत ब्याज सहित दो लाख रुपये अदा करने और अपील खर्च के दस हजार रुपये देने का आदेश दिया। आयोग ने स्पष्ट किया कि बीमा कंपनी की सेवा में कोई त्रुटि नहीं पाई गई।












