जयपुर, 02 अप्रैल 2026।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने ग्राम पंचायत और नगर निकायों के चुनाव 15 अप्रैल तक नहीं कराने पर राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह और आयोग के सचिव राजेश वर्मा को अवमानना नोटिस जारी किया है और चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। यह आदेश पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।
अदालत की खंडपीठ में एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता ने अवमानना याचिका की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि राज्य सरकार चुनाव की तय समय सीमा को आगे बढ़ाने के लिए प्रार्थना पत्र पेश कर रही है। इस पर अदालत ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए।
याचिका में अधिवक्ता पुनीत सिंघवी ने कहा कि राज्य सरकार जानबूझकर पंचायत और निकाय चुनाव टाल रही है, जिससे हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना हो रही है। उच्च न्यायालय ने 14 नवंबर 2025 को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि सभी ग्राम पंचायत और निकाय चुनाव 15 अप्रैल 2026 तक संपन्न हों। साथ ही, 31 दिसंबर 2025 तक परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश भी दिया गया था।
हालांकि, राज्य चुनाव आयोग ने निकाय चुनाव के लिए फरवरी माह में जारी कार्यक्रम में अंतिम मतदाता सूची 22 अप्रैल तक जारी करने का निर्णय लिया। इससे स्पष्ट है कि निर्धारित समय पर चुनाव कराना संभव नहीं होगा। याचिकाकर्ता ने पहले ही राज्य सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस भेजकर समय पर चुनाव कराने की मांग की थी। अदालत ने अवमानना कर्ता अधिकारियों को दंडित करने की संभावना जताई है।












