येरेवन/त्बिलिसी, 29 अप्रैल।
विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा ने बड़ा फैसला लेते हुए 2029 में आयोजित होने वाले अंडर-20 विश्व कप की संयुक्त मेजबानी जॉर्जिया और आर्मेनिया को सौंप दी है। इस फैसले के साथ पहली बार दक्षिण कॉकस क्षेत्र के ये दोनों देश किसी फीफा टूर्नामेंट की मेजबानी करेंगे।
यह निर्णय कनाडा के वैंकूवर में हुई फीफा काउंसिल बैठक में लिया गया, जो 76वीं फीफा कांग्रेस से पहले आयोजित की गई थी। यह प्रतियोगिता हर दो साल में होती है, जिसमें दुनिया की 24 युवा टीमें हिस्सा लेती हैं और इसे भविष्य के सितारों को मंच देने वाला प्रमुख टूर्नामेंट माना जाता है।
आर्मेनिया फुटबॉल फेडरेशन ने इस फैसले को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल समुदाय के भरोसे को दर्शाता है। फेडरेशन अध्यक्ष आर्मेन मेलिकबेकयान ने कहा कि इससे देश के खिलाड़ियों और दर्शकों को विश्व स्तर का अनुभव मिलेगा।
उधर, जॉर्जिया फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष लेवन कोबियाशविली ने इसे देश के फुटबॉल इतिहास का महत्वपूर्ण क्षण बताया और कहा कि इससे क्षेत्र में खेल के विकास को नई गति मिलेगी।
इस टूर्नामेंट की शुरुआत 1977 में ट्यूनीशिया में हुई थी, तब इसे फीफा वर्ल्ड यूथ चैंपियनशिप कहा जाता था। 2007 में इसका नाम बदलकर अंडर-20 वर्ल्ड कप कर दिया गया। अब तक 23 संस्करण हो चुके हैं, जिनमें अर्जेंटीना ने छह और ब्राजील ने पांच बार खिताब जीता है।
2025 का संस्करण चिली में आयोजित हुआ था, जिसमें मोरक्को ने ट्रॉफी जीती थी। वहीं 2027 का आयोजन अजरबैजान और उज्बेकिस्तान मिलकर करेंगे।
फीफा के इस निर्णय को युवा फुटबॉल के विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।






.jpg)




