क्रीट, 30 अप्रैल।
गाजा पट्टी की ओर राहत सामग्री लेकर बढ़ रहे जहाजों के एक बड़े काफिले को इजराइल ने आगे बढ़ने से रोक दिया है। अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में क्रीट द्वीप के पास इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के प्रतिनिधि डैनी डैनन ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बेड़े को इजराइली सीमा तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।
इजराइली पक्ष का कहना है कि यह कदम सुरक्षा और समुद्री नाकाबंदी को बनाए रखने के तहत उठाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गाजा की ओर जाने वाले जहाजों को चेतावनी दी गई थी कि वे इस दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास न करें, अन्यथा उनकी सुरक्षा जोखिम में पड़ सकती है।
फ्लोटिला समूह ने इस चेतावनी का एक ऑडियो जारी करते हुए दावा किया कि यह संदेश उनके काफिले के लिए प्रसारित किया गया था। चेतावनी में कहा गया कि गाजा की ओर किसी भी तरह की आवाजाही अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के दायरे में आ सकती है और इजराइली बलों के पास इसे रोकने के लिए सभी विकल्प मौजूद हैं।
इजराइल ने यह भी सुझाव दिया कि यदि जहाज मानवीय सहायता लेकर जा रहे हैं, तो उन्हें अशदोद बंदरगाह की ओर जाना चाहिए, जहां सामग्री की जांच के बाद उसे गाजा भेजा जा सकता है। इस प्रस्ताव को लेकर फ्लोटिला समूह ने आपत्ति जताई है।
समूह के प्रतिनिधियों का आरोप है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नागरिक जहाजों को रोकना और उन्हें धमकाना कानून के विरुद्ध है। उनका कहना है कि सैकड़ों किलोमीटर दूर निहत्थे नागरिकों के जहाजों को घेरना अनुचित है और इस क्षेत्र में इजराइल का कोई अधिकार नहीं बनता। उन्होंने विभिन्न देशों से हस्तक्षेप की अपील भी की है और काफिले में सवार 400 से अधिक लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
गौरतलब है कि गाजा पर समुद्री नाकाबंदी वर्ष 2007 से जारी है। इसके बाद से राहत सामग्री लेकर जाने वाले जहाजों को कई बार रोका गया है। 2008 के बाद केवल दो नावें ही नाकाबंदी पार कर गाजा पहुंच पाई थीं।
इसके अलावा 2010 में तुर्किये के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं से जुड़े एक काफिले पर कार्रवाई के दौरान कई लोगों की जान गई थी। हाल के वर्षों में भी ऐसे प्रयासों पर सख्ती देखी गई है, जिसमें पिछले वर्ष एक जहाज पर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हमला होने की घटना भी सामने आई थी, जिससे उसे भारी नुकसान हुआ था।











