काठमांडू, 30 अप्रैल।
नेपाल सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए राजनीतिक नियुक्तियों से जुड़े लगभग 2200 पदाधिकारियों को एक साथ हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए राष्ट्रपति के पास एक नया अध्यादेश भेजा गया है, जिसमें पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में हुई राजनीतिक नियुक्तियों को निरस्त करने का प्रस्ताव शामिल है।
सरकार द्वारा तैयार इस अध्यादेश का उद्देश्य सार्वजनिक पदों पर नियुक्त ऐसे अधिकारियों को पदमुक्त करना बताया गया है, जिन्हें राजनीतिक आधार पर नियुक्त किया गया था और जो वर्तमान में कार्यरत हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम प्रशासनिक ढांचे में सुधार और पारदर्शिता लाने की दिशा में उठाया गया है।
प्रस्तावित अध्यादेश में यह भी कहा गया है कि सार्वजनिक संस्थानों में नियुक्तियों को अधिक प्रतिस्पर्धी और निष्पक्ष बनाया जाए, साथ ही राजनीतिक हस्तक्षेप को पूरी तरह समाप्त किया जाए। इसके अलावा सार्वजनिक निर्माण कार्यों में तेजी लाने, सहकारी संस्थाओं के छोटे बचतकर्ताओं की जमा राशि लौटाने और भूमि, मालपोत तथा नापी जैसी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने का लक्ष्य भी रखा गया है।
यदि राष्ट्रपति इस अध्यादेश को मंजूरी देते हैं, तो एक ही फैसले में करीब 2200 सरकारी नियुक्तियां समाप्त हो जाएंगी। इसे वर्तमान सरकार की प्रशासनिक सुधार नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
सरकार के गठन के बाद सत्तारूढ़ दल की ओर से यह भी कहा गया था कि सभी राजनीतिक नियुक्ति प्राप्त अधिकारियों को स्वेच्छा से पद छोड़ देना चाहिए। हालांकि इस अपील के बाद बहुत कम लोगों ने अपने पद से इस्तीफा दिया, जिसके चलते अब सरकार ने कानूनी प्रक्रिया के जरिए यह कदम उठाने का निर्णय लिया है।











