शिमला, 03 अप्रैल।
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने के कारण राज्य की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं पर बर्फबारी शुरू हो गई है, जबकि शिमला और पर्यटन नगरी मनाली में घने बादल छाए हुए हैं। लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा की ऊंची चोटियों पर रुक-रुक कर हिमपात हो रहा है, जिससे अप्रैल में भी पहाड़ी इलाकों में ठंडक का असर बना हुआ है।
राज्य के निचले जिलों में भी बादलों का डेरा है और कई स्थानों पर तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने आज और कल लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर प्रदेश के 10 जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार 5 से 9 अप्रैल तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी रहेगा। हालांकि, इस दौरान वेस्टर्न डिस्टरबेंस का प्रभाव आज और कल की तुलना में थोड़ा कम रहेगा, लेकिन पूरे सप्ताह मौसम कड़ा बना रहेगा। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बीच-बीच में बर्फबारी जारी रहने का अनुमान है।
पूर्वानुमान के मुताबिक 3 और 4 अप्रैल को कई स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। 5 और 6 अप्रैल को कुछ जगहों पर हल्की बारिश और बादलों की मौजूदगी रहेगी। 7 और 8 अप्रैल को फिर से तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जबकि 9 अप्रैल को भी मौसम अस्थिर रहेगा।
इस बदलते मौसम के कारण अप्रैल में भी ठंड का प्रभाव बना हुआ है और मैदानी इलाकों में गर्मी का असर अभी महसूस नहीं हो रहा है। मार्च के दूसरे पखवाड़े से प्रदेश में कई बार गरज के साथ बारिश हुई, हालांकि पूरे मार्च में सामान्य से 17 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई।
शुक्रवार को शिमला का न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मनाली में 10.8, धर्मशाला में 15, ऊना में 16.2, नाहन में 17.1, कांगड़ा में 18.2, बिलासपुर में 17, मंडी में 15.7, सोलन में 12.8, कल्पा में 6.6 और केलांग में 1.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। पांवटा साहिब में 22 और नेरी में 20.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो प्रदेश में अपेक्षाकृत अधिक रहा।


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