नई दिल्ली, 15 अप्रैल।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में अवरोध की स्थिति के बीच भारतीय एलपीजी टैंकर जग विक्रम सुरक्षित रूप से भारत पहुंच गया है। यह जहाज 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर गुजरात के कांडला बंदरगाह पर सफलतापूर्वक लंगर डाला। अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम की घोषणा के बाद होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाला यह पहला भारतीय जहाज बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, एलपीजी टैंकर जग विक्रम 11 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से आगे बढ़ा था। मार्च की शुरुआत के बाद से यह भारत का नौवां जहाज है जो इस समुद्री मार्ग के पश्चिमी हिस्से से होकर सफलतापूर्वक निकला है।
तनाव शुरू होने से पहले होर्मुज क्षेत्र में करीब 28 भारतीय जहाज मौजूद थे, जिनमें से 24 पश्चिमी हिस्से में और चार पूर्वी हिस्से में फंसे हुए थे। युद्धविराम से पहले आठ भारतीय जहाज पश्चिमी हिस्से से और दो जहाज पूर्वी हिस्से से सुरक्षित बाहर निकल चुके थे। अब जग विक्रम के भारत पहुंचने के बाद यह संख्या और बढ़ गई है, हालांकि अभी भी कई भारतीय और विदेशी जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं।
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। देश अपनी कच्चे तेल की लगभग 88 प्रतिशत आवश्यकता विदेशों से पूरी करता है, जबकि लगभग 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी आयात किया जाता है। खाड़ी देशों से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से गुजरता है, लेकिन क्षेत्रीय तनाव के कारण इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है, जिससे एलपीजी आपूर्ति पर भी असर पड़ा है।



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