नई दिल्ली, 16 अप्रैल 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुरुवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का फोन आया, जिसमें दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। बातचीत के दौरान दोनों ने होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को तत्काल बहाल करने की आवश्यकता पर सहमति जताई।
इससे पहले भी 19 मार्च को दोनों नेताओं के बीच इसी क्षेत्र की स्थिति को लेकर बातचीत हुई थी, जिसमें तनाव कम करने और संवाद व कूटनीति की ओर लौटने पर जोर दिया गया था।
फोन वार्ता के बाद प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने अपने मित्र राष्ट्रपति मैक्रों के साथ क्षेत्रीय हालात पर विचार साझा किए और होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने पर सहमति बनी। साथ ही दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए आगे भी आपसी सहयोग जारी रखने की बात कही।
गौरतलब है कि पिछले महीने विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पेरिस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की थी, जिसमें भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा हुई थी। इसी दौरान दोनों देशों ने नवाचार से जुड़े कार्यक्रमों और शिखर सम्मेलनों में भी भागीदारी की थी।
इस सप्ताह की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी फोन आया था, जिसमें दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की और व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई थी।
उस बातचीत में भी पश्चिम एशिया की स्थिति और होर्मुज स्ट्रेट को खुला व सुरक्षित बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया गया था, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और नौवहन निर्बाध रूप से जारी रह सके।








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