लाहौर, 16 अप्रैल।
पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक सदस्यों में शामिल अमीर हमजा को लाहौर में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। बताया जा रहा है कि उन पर यह हमला एक समाचार चैनल के कार्यालय के बाहर किया गया, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब हमजा पर हमला हुआ हो। इससे पहले भी पिछले वर्ष मई में लाहौर स्थित उनके आवास के बाहर अज्ञात व्यक्तियों ने उन पर गोलीबारी की थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। घटना के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी, हालांकि उस समय आधिकारिक रूप से कोई बयान जारी नहीं किया गया था।
अमीर हमजा का जन्म 10 मई 1959 को पंजाब प्रांत के गुजरांवाला में हुआ था। वे अफगान जिहाद के अनुभवी माने जाते हैं और उन्होंने 1985-86 के दौरान आतंकी हाफिज सईद के साथ मिलकर लश्कर-ए-तैयबा की स्थापना की थी। उन पर भारत सहित कई देशों में आतंकी गतिविधियों से जुड़े होने के आरोप हैं, जिसमें 2005 में बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान पर हुए हमले की साजिश में भूमिका होने की बात भी शामिल है, जो कश्मीर के बाहर एलईटी का शुरुआती बड़ा हमला माना जाता है।
हमजा को संगठन में हाफिज सईद के बाद दूसरा सबसे प्रभावशाली नेता माना जाता रहा है। उन्होंने संगठन के प्रचार तंत्र और विस्तार अभियानों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका के वित्त विभाग द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी घोषित किया गया है।
2012 में अमेरिकी वित्त विभाग की रिपोर्ट में उन्हें एलईटी की केंद्रीय सलाहकार समिति का हिस्सा बताया गया था, जहां वे सईद के प्रत्यक्ष नियंत्रण में बाहरी संबंधों को संभालते थे। 2010 तक वे संगठन से जुड़े एक चैरिटेबल नेटवर्क और शैक्षणिक ट्रस्ट में भी वरिष्ठ पदों पर कार्यरत रहे।
प्रचार गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले हमजा को एलईटी का प्रमुख विचारक माना जाता है। वे संगठन के साप्ताहिक प्रकाशन का संपादन करते थे और कई पुस्तकों के लेखक भी हैं। 2018 में वैश्विक दबाव के बाद उन्होंने एलईटी से अलग होकर ‘जैश-ए-मंक़ाफा’ नामक एक अलग गुट बनाया, जो कश्मीर केंद्रित प्रचार और सीमित वित्तीय गतिविधियों में शामिल बताया जाता है। इसके बावजूद, वे अमेरिकी प्रशासन की नजर में अब भी वैश्विक आतंकवादी सूची में शामिल हैं।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग उन्हें एलईटी के दशकों पुराने भर्ती, कट्टरपंथ फैलाने और वित्तीय नेटवर्क के प्रमुख चेहरों में से एक मानता है।
अज्ञात हमलावरों की गोलीबारी में एलईटी सह-संस्थापक अमीर हमजा गंभीर रूप से घायल हो गए, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पहले भी उन पर हमला हो चुका है, सुरक्षा बढ़ाई गई थी, वैश्विक आतंकवादी सूची में नाम दर्ज है।



.jpg)


.jpg)




