काठमांडू 16 अप्रैल
काठमांडू 16 अप्रैल को नेपाल सरकार ने लंबे समय से निष्क्रिय पड़े बैंक खातों को लेकर बड़ा निर्णय लेते हुए 10 वर्ष या उससे अधिक समय से बिना लेनदेन वाले खातों को सील करने और उनमें जमा राशि को सरकारी खजाने में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार ऐसे निष्क्रिय खातों में जमा लगभग साढ़े सत्रह अरब रुपये सरकारी खाते में लाने की तैयारी की जा रही है। नेपाल राष्ट्र बैंक के गवर्नर ने बताया कि मार्च माह के अंत तक निष्क्रिय खातों में कुल 1763 करोड़ रुपये जमा पाए गए हैं, जबकि इन खातों की कुल संख्या 36 लाख 45 हजार 593 है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के निर्देश के तहत इन सभी खातों को सील कर उनमें मौजूद धनराशि को सरकारी कोष में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई बैंक और वित्तीय संस्थान संबंधी कानून के प्रावधानों के तहत की जा रही है, जिसके अनुसार लंबे समय से निष्क्रिय खातों का विवरण हर वर्ष केंद्रीय बैंक को भेजना अनिवार्य है।
इसी व्यवस्था के तहत आर्थिक वर्ष 2025/26 तक प्राप्त आंकड़ों के आधार पर यह स्थिति सामने आई है। नई सरकार के गठन के बाद पहली मंत्रिपरिषद बैठक में पारित “शासकीय सुधार के 100 कार्यसूची” के 78वें बिंदु में भी 10 वर्ष या उससे अधिक पुराने निष्क्रिय खातों की राशि को आवश्यक प्रक्रिया के बाद सरकारी कोष में लाने का निर्णय शामिल है।
गवर्नर ने बताया कि इसी नीति के तहत यह धनराशि अब बैंक खातों से सरकारी कोष में स्थानांतरित की जा रही है। आंकड़ों के अनुसार इन निष्क्रिय खातों में औसतन लगभग पांच हजार रुपये जमा हैं, जो आम नागरिकों की छोटी बचत को दर्शाते हैं।
इस निर्णय के बाद लोगों में यह चिंता भी बढ़ गई है कि कहीं उनकी जमा राशि जब्त न कर ली जाए, हालांकि सरकार की ओर से प्रक्रिया को नीति के तहत ही लागू किए जाने की बात कही गई है।






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