हावड़ा, 26 मई।
पश्चिम बंगाल के हावड़ा में पुलिस ने आपराधिक गतिविधियों और अवैध उगाही के खिलाफ एक सख्त रुख अपनाते हुए अपराधियों में भय पैदा करने के लिए विशेष अभियान चलाया है। पिछले तीन दिनों में तीन प्रमुख आरोपियों को पुलिस ने सार्वजनिक रूप से संबंधित क्षेत्रों की सड़कों पर घुमाया।
इस कार्रवाई के दौरान एक पूर्व राजनीतिक पदाधिकारी, एक बर्खास्त सुरक्षाकर्मी और एक कथित क्षेत्र का 'डॉन' शामिल है। पुलिस के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य समाज में कानून का डर स्थापित करना और अपराधियों को यह कड़ा संदेश देना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
घटनाक्रम के अनुसार, पुलिस ने इन तीनों आरोपियों को सुरक्षा घेरे में उन इलाकों में पैदल चलाया जहाँ उनके विरुद्ध आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें से कुछ आरोपियों के हाथों में हथकड़ी थी, जबकि अन्य को कड़े सुरक्षा घेरे में ले जाया गया। पुलिस की इस कार्यशैली ने स्थानीय निवासियों के बीच व्यापक चर्चा पैदा कर दी है।
पकड़े गए आरोपियों पर उगाही, लोगों को धमकाने और पुलिस पर गोली चलाने जैसे गंभीर आरोप हैं। इनमें से एक आरोपी को हाल ही में एक अन्य राज्य से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर हावड़ा लाया गया था, जबकि अन्य को स्थानीय स्तर पर गिरफ्तार किया गया था। बर्खास्त सुरक्षाकर्मी के संबंध में विभाग ने स्पष्ट किया है कि उसे गिरफ्तारी से पूर्व ही सेवा से हटा दिया गया था।
कानूनविदों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के बीच इस कार्रवाई को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया है, जहाँ कुछ लोग इसे अपराध नियंत्रण का प्रभावी तरीका मान रहे हैं, वहीं कुछ ने पुलिस की इस पद्धति पर सवाल भी उठाए हैं। हालाँकि, जिला पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि अपराध के खिलाफ 'शून्य सहनशीलता' (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हुए यह कदम उठाए गए हैं ताकि आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा हो सके। वर्तमान में सभी आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की प्रक्रिया जारी है।















