चित्तौड़गढ़, 26 मई।
उदयपुर-चित्तौड़गढ़ सिक्सलेन पर हुई बस दुर्घटना के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। दुर्घटना में घायलों की स्थिति का जायजा लेने के लिए जिला कलेक्टर ने स्थानीय चिकित्सालय का दौरा किया और पीड़ितों की कुशलक्षेम पूछी।
इस हादसे में एक श्रद्धालु की मृत्यु हो गई, तीन गंभीर घायलों को बेहतर उपचार हेतु उच्च स्तरीय चिकित्सा केंद्र में रेफर किया गया है। अन्य घायल यात्रियों का जिला चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। चिकित्सालय परिसर में मरीजों एवं उनके परिजनों से संवाद करते हुए जिला कलेक्टर ने चिकित्सकों को घायलों का त्वरित, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि उपचार में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी आवश्यक दवाइयाँ व जाँचें समय पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
यात्रियों द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस की अनियंत्रित गति दुर्घटना का मुख्य कारण रही। इस पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने मामले की विस्तृत जाँच के आदेश दे दिए हैं, ताकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
इसके अतिरिक्त, चिकित्सालय परिसर की व्यवस्थाओं पर भी प्रशासन ने विशेष ध्यान केंद्रित किया है। अस्पताल में साफ-सफाई, निर्बाध बिजली आपूर्ति और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस दौरान अन्य प्रशासनिक व चिकित्सा अधिकारी भी उपस्थित रहे, जो घायलों के उपचार और अस्पताल की व्यवस्थाओं की सतत निगरानी कर रहे हैं।















