जयपुर, 25 मई।
राज्य में नौतपा के आरंभ के साथ ही सूर्य की प्रचंड तपिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने आगामी चार दिनों के लिए अधिकांश क्षेत्रों में तीव्र लू और अत्यधिक गर्मी की चेतावनी जारी की है। पूर्वानुमान के अनुसार, अनेक जिलों में अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किए जाने की संभावना है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तीन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 16 जिलों के लिए यलो अलर्ट घोषित किया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि 28 मई के बाद एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव आ सकता है, जिसके प्रभाव से कुछ भागों में बादलों की आवाजाही, धूलभरी आंधी, हल्की वर्षा और छिटपुट ओलावृष्टि की संभावना है। यह मौसमी बदलाव जून के प्रथम सप्ताह तक प्रभावी रह सकता है। विगत 24 घंटों में श्रीगंगानगर 46 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे उष्ण जिला रहा। इसके अतिरिक्त, वनस्थली में 45.1, अलवर में 45, चूरू में 44.9, और फलोदी, बीकानेर तथा कोटा में 44.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
जैसलमेर, फलोदी और बीकानेर में भीषण उष्ण लहर (हीटवेव) का प्रकोप देखा गया, जबकि बाड़मेर, जालोर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, कोटा, बारां, झालावाड़ और चित्तौड़गढ़ भी लू की चपेट में रहे। पश्चिमी क्षेत्रों में दोपहर के दौरान 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से धूल भरी हवाएं चलीं। जयपुर में भी रविवार को अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जहां दिन और रात दोनों समय गर्म हवाओं का प्रभाव बना रहा। अजमेर और उदयपुर में भी आने वाले दिनों में पारे में वृद्धि के स्पष्ट संकेत हैं।
भीषण गर्मी के दृष्टिगत विभिन्न शहरों में राहत के उपाय किए जा रहे हैं। कोटा में गोवंश को राहत पहुंचाने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है, वहीं जोधपुर में भी तापमान में 2 से 3 डिग्री तक उछाल आने की आशंका है। 25 मई से 2 जून तक चलने वाले 'नौतपा' को लेकर ज्योतिषीय मान्यता है कि इस अवधि में सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने से पृथ्वी पर किरणों का प्रभाव सर्वाधिक होता है, जिससे भीषण गर्मी पड़ती है। लोक मान्यताओं में नौतपा के इन नौ दिनों को आगामी मानसून और वर्षा के संकेत के रूप में भी देखा जाता है।














