भोपाल, 29 मई ।
भीषण गर्मी के बीच राजधानी भोपाल में जल और बिजली संकट ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। तापमान लगभग 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने के साथ ही शहर के कई इलाकों में पानी और बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
शुक्रवार को करोंद क्षेत्र में कोलार जल प्रदाय की मुख्य पाइपलाइन एक बार फिर क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे करीब एक लाख आबादी जल संकट से प्रभावित हुई है। इससे एक दिन पहले भी करोंद चौराहे के पास मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान पाइपलाइन फट गई थी, जिसके कारण पुराने भोपाल के बड़े हिस्से में जल आपूर्ति बाधित हो गई थी।
पिछले 15 दिनों में मेट्रो और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की खुदाई के दौरान पाइपलाइन टूटने की यह 14वीं घटना बताई जा रही है, जिससे जल वितरण व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मंत्री विश्वास सारंग ने करोंद क्षेत्र का निरीक्षण किया और मौके पर पहुंचकर अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान नगर निगम, जिला प्रशासन, मेट्रो कॉरपोरेशन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी भी मौजूद रहे।
मंत्री ने अधिकारियों को लापरवाही पर फटकार लगाते हुए निर्माण कार्यों के दौरान नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
नगर निगम के अनुसार मेट्रो निर्माण के दौरान 400 मिलीमीटर व्यास की कोलार फीडर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई है, जिससे कई प्रमुख इलाकों में जल आपूर्ति ठप हो गई है।
नगर निगम ने यह भी कहा कि निर्माण एजेंसियों को पहले ही पाइपलाइन और सीवर लाइन शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कई स्थानों पर बिना शिफ्टिंग के खुदाई होने से बार-बार पाइपलाइन क्षति हो रही है।
वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की अयोध्या बायपास परियोजना के चलते भी कई बार पाइपलाइन क्षति की घटनाएं सामने आई हैं। नगर निगम ने मेट्रो प्रबंधन को नोटिस जारी करने और आर्थिक दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।









