नई दिल्ली, 06 जून।
राजधानी दिल्ली में जल संकट से निपटने और भूजल स्तर को सुधारने के लिए सरकार ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग यानी वर्षा जल संचयन को जन-अभियान बनाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री के 'कैच द रेन' अभियान की तर्ज पर दिल्ली में जल संरक्षण को गति देने की घोषणा की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य वर्षा की हर बूंद को सहेजना है ताकि आने वाले समय में दिल्ली जल-सुरक्षित बन सके।
सरकार ने इस दिशा में नागरिकों को आर्थिक प्रोत्साहन देने की तैयारी की है। जो भी नागरिक या संस्थान अपने परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाएंगे, उन्हें 50 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, इस प्रणाली को अपनाने वाले उपभोक्ताओं को पानी के बिल में 10 प्रतिशत की सीधी छूट मिलेगी। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि जल संरक्षण अब सरकारी फाइलों तक सीमित न रहकर एक बड़ा जन-आंदोलन बनना चाहिए।
तकनीकी मदद के लिए दिल्ली जल बोर्ड के विशेषज्ञ आगे आएंगे, जो सिस्टम के डिजाइन और रखरखाव में लोगों का मार्गदर्शन करेंगे। सरकार 100 वर्ग मीटर से बड़े भवनों में इस व्यवस्था को अनिवार्य करने पर भी विचार कर रही है, ताकि बड़े आवासीय और व्यावसायिक परिसरों में पानी की बर्बादी रुके। साथ ही, राजधानी के 75 सीएम श्री स्कूलों में बड़े पैमाने पर संचयन ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिससे सालाना 50 करोड़ लीटर पानी बचाने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के जरिए समझाया कि लगभग 2500 वर्ग फुट की छत से साल भर में दो लाख लीटर तक पानी रीचार्ज किया जा सकता है। अब सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों में भी इन उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने दिल्लीवासियों से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील की है, ताकि सामूहिक प्रयासों से दिल्ली को भविष्य की जल चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सके।













