धमतरी, 12 जून।
छत्तीसगढ़ शासन ने आगामी मानसून के दौरान मछलियों के प्रजनन और उनके प्रभावी संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य के जलाशयों और नदियों में 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक की अवधि को 'बंद ऋतु' (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। धमतरी जिले के सभी प्रमुख जल स्रोतों में इस समय-सीमा के दौरान मछली पकड़ने की गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
मत्स्य पालन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम-1972 के प्रावधानों के अंतर्गत जारी इस आदेश का मुख्य उद्देश्य जलीय जैव विविधता की रक्षा करना और मछलियों की वंश वृद्धि को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध जिले की सभी नदियों, नालों और जलाशयों पर लागू होगा। हालांकि, निजी स्वामित्व वाले छोटे तालाब जिनका अन्य जल स्रोतों से संपर्क नहीं है, तथा केज कल्चर के तहत संचालित मत्स्य पालन को इस रोक से बाहर रखा गया है।
विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम-2025 के अनुसार, दोषी पाए जाने पर 25,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। मत्स्य पालन विभाग ने सभी स्थानीय निवासियों और मछुआरों से अपील की है कि वे इस संरक्षण अवधि में नियमों का पालन करें, ताकि आने वाले समय में मछली उत्पादन में बेहतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।













