नई दिल्ली, 11 जून।
देश में एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) व्यवस्था में अनियमितताओं और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में पारदर्शिता की कमी को लेकर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा राष्ट्रव्यापी जन-जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार (12 जून) को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा।
दिल्ली स्थित प्रेस क्लब में गुरुवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार के समक्ष स्पष्ट और वैज्ञानिक मानदंड तय करने, युक्तिसंगत मूल्य निर्धारण, मुद्रण सीमा तय करने तथा नियामक संस्था के गठन जैसी कई मांगें रखी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान एमआरपी व्यवस्था अपने मूल उद्देश्य से भटक चुकी है। शुरुआत में इसे उपभोक्ताओं को स्थानीय करों की मनमानी से बचाने के लिए लागू किया गया था, लेकिन अब यह निर्माताओं और व्यापारियों के प्रभाव में आ चुकी है।
उन्होंने आगे बताया कि यदि सरकार जल्द आवश्यक कदम नहीं उठाती है तो मुंबई में एमआरपी मुद्दे पर बैठक आयोजित की जाएगी। साथ ही संगठन वाणिज्य मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में रहेगा तथा मांगों को लेकर दबाव बनाए रखेगा।
मुंबई के अलावा गुवाहाटी सहित देश के अन्य हिस्सों में भी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, क्योंकि बड़ी आबादी को अब भी एमआरपी के सही नियमों की जानकारी नहीं है। संगठन का मानना है कि स्पष्ट नियमों के अभाव में कंपनियां मनमाने तरीके से कीमतें निर्धारित कर रही हैं, जिससे वास्तविक लागत और मुद्रित मूल्य के बीच संबंध कमजोर हुआ है।
संगठन ने कहा कि इस देशव्यापी जन आंदोलन का उद्देश्य व्यापारियों को उचित लाभ सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर वस्तुएं उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।










