धमतरी, 06 जून।
मानसून की आहट के साथ ही धमतरी नगर निगम ने शहर को जलभराव और गंदगी की समस्या से मुक्त रखने के लिए कमर कस ली है। निगम प्रशासन ने एक बड़ा 'मेगा स्वच्छता और नाला सफाई अभियान' छेड़ दिया है। इस अभियान के तहत शहर के प्रमुख जल निकासी मार्गों और नालों की युद्धस्तर पर सफाई की जा रही है, ताकि बारिश के दौरान लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
निगम की प्राथमिकता में सोरिद नाला, पीडी नाला और बाकरे नाला जैसे बड़े जल स्रोत शामिल हैं, जिनकी मुजगहन क्षेत्र तक सफाई की जा रही है। मशीनों और सफाईकर्मियों की मदद से वर्षों से नालों में जमी गाद, मिट्टी और प्लास्टिक कचरे को बाहर निकाला जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष निलेश लुनिया ने बताया कि पिछले एक महीने में शहर के 40 वार्डों से 60 ट्रिप से अधिक कचरा और मलबा हटाया जा चुका है। निगम का अगला लक्ष्य अगले 15 दिनों के भीतर अतिरिक्त 30 से 40 ट्रिप मलबा निकालकर सभी प्रमुख नालों को पूरी तरह साफ करना है।
सफाई के इस विशेष कार्य में निगम ने अत्याधुनिक मशीनों का जखीरा झोंक दिया है। अभियान को गति देने के लिए एक चैन माउंटेड मशीन, दो जेसीबी, चार ट्रिपर, दो ट्रैक्टर और 16 छोटा हाथी वाहनों के साथ सफाईकर्मियों की एक बड़ी टीम चौबीसों घंटे तैनात है। सुंदर पान ठेला से लेकर कलेक्ट्रेट मोड़ तक के संवेदनशील हिस्सों में सफाई को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा, वार्डों में नियमित डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
निलेश लुनिया ने शहरवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि एक स्वच्छ धमतरी का निर्माण सामूहिक जिम्मेदारी है। निगम का मुख्य उद्देश्य बारिश से पहले जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कर शहर को किसी भी संभावित संक्रमण और जलभराव से सुरक्षित रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानसून पूर्व की यह तैयारियां पूरी सतर्कता और तेजी के साथ जारी रहेंगी।









