चंडीगढ़, 06 जून।
ऑपरेशन ब्लू स्टार की 42वीं बरसी पर अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडग़ज ने कौम के नाम अपना संदेश साझा किया है। इस अवसर पर दरबार साहिब में तीन दिनों से चल रहे अखंड पाठ का समापन शनिवार सुबह हुआ, जिसमें शामिल होने के लिए बड़ी तादाद में सिख श्रद्धालु और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे थे।
जत्थेदार गडग़ज ने अपने संबोधन में सिखों से आह्वान किया कि वे सजा पूरी कर चुके बंदी सिंघों की रिहाई के लिए एकजुट होकर प्रयास करें। उन्होंने बलवंत सिंह राजोआणा की रिहाई पर सरकारी सुस्ती और जगतार सिंह हवारा को उनकी मां से मुलाकात न कराने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने जोर दिया कि जो स्थितियां 1984 में थीं, वे चुनौतियां आज भी सिखों के सामने बरकरार हैं।
उन्होंने हिमाचल में सिख श्रद्धालुओं पर हो रहे हमलों की निंदा करते हुए कहा कि सम्मान के बिना सुख-सुविधाएं व्यर्थ हैं। इसके साथ ही, जत्थेदार ने दुनिया भर में बसे सिखों से अपील की कि वे अपनी पंजाब की जड़ों से जुड़े रहें और साल में कम से कम एक बार अपने बच्चों को दरबार साहिब जरूर लेकर आएं। उन्होंने प्रवासियों को पंजाब में अपनी पुश्तैनी जमीनें न बेचने का भी आग्रह किया।
पंजाब सरकार द्वारा हाल ही में लाए गए बेअदबी कानून पर निशाना साधते हुए जत्थेदार ने इसे गुरु ग्रंथ साहिब और पंथ को सरकारी नियंत्रण में लाने की साजिश करार दिया। उन्होंने अमृतसर के 450वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में शहर को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए सभी संगठनों से मिलकर काम करने और सरकार को व्यवस्था सुधारने की नसीहत भी दी।









