सूरत, 05 जून।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सूरत आज केवल स्वच्छता का रोल मॉडल ही नहीं बल्कि एक ऊर्जावान और विकासशील शहर के रूप में भी देश का मार्गदर्शन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कभी प्लेग जैसी गंभीर महामारी से प्रभावित रहा यह शहर आज देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल होकर नई पहचान बना चुका है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सूरत के इंडोर स्टेडियम में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत स्थानीय अंदाज में करते हुए जनसमूह का उत्साह बढ़ाया।
उन्होंने गुजरात और सूरत की जनता के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यहां के लोगों ने लगातार विकास और सेवा की राजनीति को समर्थन दिया है तथा हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में मिला जनादेश जनता के विश्वास का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सफलता केवल राजनीतिक उपलब्धि नहीं बल्कि जनसेवा और विकास के संकल्प को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने “विकसित गुजरात, विकसित भारत” के लक्ष्य को साकार करने के लिए सभी से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
स्वच्छता अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सूरत में एक लाख से अधिक लोगों ने पांच दिनों तक चलाए गए विशेष अभियान में भाग लेकर शहर को स्वच्छ बनाने में योगदान दिया, जो अपने आप में एक बड़ा उदाहरण है।
प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान संभव है।
उन्होंने कहा कि भारत आज “प्रकृति के साथ प्रगति” के मंत्र के साथ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
गुजरात के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य ने जलवायु परिवर्तन विभाग की स्थापना और देश के पहले सौर ऊर्जा संयंत्र जैसी पहल कर हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि सूरत में शुरू की गई विभिन्न विकास परियोजनाएं शहर के विकास को नई गति प्रदान करेंगी।
मुख्यमंत्री ने भी कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ी है और देश विकास तथा पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित कर आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्री, राज्य के नेता, सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








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