हल्द्वानी, 05 जून।
बगेट कला के सिद्धहस्त कलाकार जीवन जोशी इन दिनों एक नेक मुहिम में जुटे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'मन की बात' में सराहे जाने के बाद, जोशी अब क्षेत्र की 11 महिलाओं को बगेट कला का निःशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। वे न केवल महिलाओं को लकड़ी की कलाकृतियां बनाना सिखा रहे हैं, बल्कि उनके आने-जाने का पूरा खर्च भी स्वयं उठा रहे हैं।
नंदपुर कटघरिया, हिम्मतपुर मल्ला, उंचापुल, हैडाखान, फतेहपुर और रोहिणी से आने वाली ये महिलाएं अब स्वरोजगार के प्रति आशावान हैं। वे गिरी हुई लकड़ियों का उपयोग कर सुंदर कलाकृतियां बनाना सीख रही हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता, दोनों को बढ़ावा मिल रहा है। फिलहाल महिलाएं इन कृतियों की फिनिशिंग सीखने के चरण में हैं।
हालांकि, जोशी की राह में चुनौतियां भी हैं। उचित संसाधनों के अभाव में वे भीषण गर्मी में एक अधूरे निर्माण स्थल पर प्रशिक्षण देने को मजबूर हैं। टीन की छत के नीचे काम करने से बारिश और गर्मी के कारण तैयार सामग्री के खराब होने का डर बना रहता है। महिलाओं ने भी जल्द से जल्द एक व्यवस्थित ट्रेनिंग सेंटर की मांग की है।
राजनीतिक चर्चाओं पर अपनी राय रखते हुए जीवन जोशी ने स्पष्ट किया कि वे किसी के विरोधी नहीं हैं, लेकिन गुंजन तिवारी जैसे युवा नेताओं के आने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सकती है।










