जयपुर, 05 जून।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक पौधारोपण करें और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने का संकल्प लें।
सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर अपने संदेश में गहलोत ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का संकट आज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिसके दूरगामी परिणाम आने वाली पीढ़ियों को भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को याद करते हुए गहलोत ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हमेशा विकास के साथ-साथ प्रकृति के संरक्षण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने जयपुर सहित राज्य के अन्य शहरों में पार्कों का विकास करने, प्रत्येक जिले में 'लव-कुश वाटिकाओं' की स्थापना और 'ट्री आउटसाइड फॉरेस्ट इन राजस्थान' (टीओएफआर) जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। अंत में, उन्होंने नागरिकों से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि आज के पर्यावरण अनुकूल प्रयास ही आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और हरित भविष्य का आधार बनेंगे।














