बीजापुर, 06 जून।
शिक्षक राजू पुजारी की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने शिकंजा और कस दिया है। घटना के डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी नामजद तीन आरोपियों में से दो अब भी कानून की पकड़ से दूर हैं।
पुलिस ने अब फरार आरोपियों पर दबाव बनाने के लिए सख्त रुख अपनाते हुए उनके घरों और कार्यालयों पर नोटिस चस्पा किए हैं। इसमें चेतावनी दी गई है कि यदि तीन दिनों के भीतर वे थाने में हाजिर नहीं होते हैं, तो उनकी चल-अचल संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी।
यह दुखद मामला 22 अप्रैल 2026 का है, जिसमें मृतक राजू पुजारी के कपड़ों से बरामद सुसाइड नोट ने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी थी। इस पत्र में राजू ने ठेकेदार देवाशीष मंडल, सब इंजीनियर शैलेष वासम और सहायक परियोजना समन्वयक छवितेश डोंगरे को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठेकेदार देवाशीष मंडल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन अन्य दो आरोपी लगातार फरार चल रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, फरार आरोपी सब इंजीनियर शैलेष वासम और समन्वयक छवितेश डोंगरे की जमानत याचिका दंतेवाड़ा सेशन कोर्ट से खारिज हो चुकी है। पुलिस का मानना है कि ये दोनों राज्य से बाहर भाग गए हैं।
इनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने प्रत्येक फरार आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस की विशेष टीमें लगातार उनकी खोजबीन में जुटी हुई हैं।
कोतवाली पुलिस ने शैलेष वासम के घर पर आधिकारिक नोटिस लगाकर उन्हें कड़ी चेतावनी दी है। पुलिस प्रशासन स्पष्ट कर चुका है कि किसी भी हाल में आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
लगातार तलाशी के बावजूद सुराग न मिलने पर अब संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और हर कोई कानून की अगली कार्रवाई पर नजर टिकाए हुए है।









