मुसाबनी, 06 जून।
पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी में शनिवार सुबह एक हृदयविदारक हादसे में पत्रकार मृत्युंजय सिंह की विद्युत स्पर्शाघात से असामयिक मौत हो गई। इस दुखद घटना ने न केवल उनके परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि समूचे पत्रकार जगत और स्थानीय निवासियों के बीच शोक की लहर दौड़ा दी है। वे एचसीएल कंपनी के क्वार्टर में अपने परिवार के साथ रहते थे।
घटना के बारे में बताया गया कि शनिवार की सुबह मृत्युंजय सिंह अपनी पत्नी और पुत्री को उनके पैतृक गांव जमुई (बिहार) भेजने के लिए घाटशिला रेलवे स्टेशन गए थे। स्वजनों को ट्रेन में बैठाने के बाद वे सकुशल अपने घर वापस लौट आए थे। घर लौटने के बाद वे क्वार्टर के पीछे स्थित खटाल की ओर गए, जहां दुर्भाग्यवश वे बिजली के करंट की चपेट में आ गए। तेज झटके के साथ वे मौके पर ही गिर पड़े।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और अन्य पत्रकार साथियों ने तुरंत बिजली आपूर्ति बंद करवाई। उन्हें गंभीर अवस्था में डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल भेज दिया।
इस घटना का सबसे भावुक पहलू यह है कि कुछ घंटे पहले ही अपने परिवार को विदा करने वाले मृत्युंजय को यह आभास नहीं था कि यह उनकी आखिरी मुलाकात थी। पत्नी को जैसे ही इस अनहोनी की खबर मिली, उन्होंने अपनी यात्रा बीच में ही छोड़ दी और वे वापस घर के लिए निकल चुकी हैं। उनके पहुंचने के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मृत्युंजय सिंह अपने पीछे पत्नी और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। वे एक मृदुभाषी और अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान पत्रकार थे। उनके निधन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और उनके परिचितों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।








