हैदराबाद, 24 अप्रैल।
हैदराबाद के कुकटपल्ली थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात पुलिस ने भारत राष्ट्र समिति के सोशल मीडिया संयोजक और माइनिंग कॉरपोरेशन के पूर्व चेयरमैन मन्ने कृष्णांक को गिरफ्तार कर लिया। उन पर तेलंगाना की पंचायतीराज मंत्री सीताक्का के खिलाफ आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है। मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मामले की शुरुआत कांग्रेस के सोशल मीडिया समन्वयक राजेंदर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बीआरएस के सोशल मीडिया संयोजक कृष्णांक ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मंत्री सीताक्का के खिलाफ गलत और आपत्तिजनक सामग्री साझा की है। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि कृष्णांक अपने समर्थकों के साथ कुकटपल्ली स्थित शिकायतकर्ता के घर में घुस गए और वहां अभद्रता तथा मारपीट की गई।
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कृष्णांक को मार्रेडपल्ली स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया।
इससे पहले सोशल मीडिया पर एक कथित अखबार की क्लिपिंग वायरल हुई थी, जिसमें कृष्णांक और उनकी पत्नी को एक कथित नौकरी घोटाले से जोड़ने का दावा किया गया था। हालांकि कृष्णांक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे पूरी तरह फर्जी बताया और कहा कि ऐसी कोई खबर किसी अखबार में प्रकाशित नहीं हुई है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि उन्होंने पोंगुलेटी से जुड़े कथित अतिक्रमण और खनन मामलों पर सवाल उठाए थे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि मंत्री सीताक्का ने आंगनवाड़ी शिक्षिकाओं को एक फोन स्कैम में फंसाया है।
बीआरएस नेता ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके परिवार को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है और गांधी भवन को केंद्र बनाकर उनके खिलाफ व्यक्तिगत हमले किए जा रहे हैं तथा उनकी पत्नी के बारे में झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं।
इसी बीच कृष्णांक ने भी राजेंदर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए अपने परिवार पर अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया और सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता, स्रोत और प्रसार के उद्देश्य की जांच की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद कृष्णांक को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।




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