काठमांडू, 24 अप्रैल
इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बाद पश्चिम एशिया में रह रहे नेपाली नागरिकों की वापसी का सिलसिला तेज हो गया है। अब तक लगभग 30 हजार नेपाली अपने देश लौट चुके हैं। इस स्थिति को देखते हुए नेपाल सरकार ने नागरिकों की सहायता के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया था, जिस पर अब तक 87 हजार 819 लोगों ने पंजीकरण कराया है।
शुक्रवार को आयोजित नियमित पत्रकार वार्ता में विदेश मंत्रालय के सहसचिव रामजी खड्का ने जानकारी देते हुए बताया कि लौटने वालों की संख्या करीब 30 हजार तक पहुंच चुकी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी लोगों की वापसी का कारण केवल युद्ध नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार कतर से ही लगभग 21 से 22 हजार नेपाली वापस लौटे हैं।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में 7 हजार से अधिक लोगों ने तत्काल सहायता के लिए पोर्टल पर पंजीकरण कराया था। समय के साथ हालात सामान्य होने पर तत्काल निकासी की मांग करने वालों की संख्या में कमी आई है।
संघर्ष के दौरान ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। इन देशों में करीब 17 लाख से अधिक नेपाली नागरिक कार्यरत हैं, जिनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह पोर्टल शुरू किया था। युद्ध के बाद सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे देशों में काम कर रहे नेपाली श्रमिकों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ा, जहां कुछ कंपनियों ने उन्हें अवकाश भी दिया।
विदेश मंत्रालय के आकलन के मुताबिक वर्तमान में होटल, रेस्टोरेंट और सेवा क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। पर्यटकों की संख्या में गिरावट के कारण इन क्षेत्रों पर असर पड़ा है। हालांकि, इन क्षेत्रों में कार्यरत नेपाली श्रमिकों की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत सामने नहीं आई है कि उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है या वे गंभीर संकट में हैं।











