नई दिल्ली, 02 अप्रैल।
नई दिल्ली से जारी बयान में भारत ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल के तहत तैनात शांति सैनिकों पर हुए हालिया हमलों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। भारत ने स्पष्ट कहा कि इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। वर्तमान में भी यूनिफिल मिशन के अंतर्गत लगभग 600 भारतीय सैनिक अपनी सेवाएं दे रहे हैं और वैश्विक शांति व सुरक्षा बनाए रखने में योगदान कर रहे हैं।
भारत ने हाल में हुए हमलों में जान गंवाने वाले शांति सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। साथ ही सभी संबंधित पक्षों से यह अपील की गई है कि संयुक्त राष्ट्र मिशन की गरिमा बनाए रखें और वहां तैनात सैनिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
भारत ने यह भी कहा कि एक जिम्मेदार और लंबे समय से शांति सैनिक उपलब्ध कराने वाले देश के रूप में वह इस बात पर जोर देता है कि शांति सैनिकों पर हमलों जैसे अपराधों के लिए जवाबदेही तय की जाए। यह रुख संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2589 के अनुरूप बताया गया है।
यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में सामने आई है जब दक्षिणी लेबनान में तैनात शांति सैनिकों पर हाल के दिनों में कई हमले हुए हैं। 30 मार्च को एक विस्फोट की घटना में एक सैनिक की मृत्यु हो गई थी, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुआ था।
इसके अतिरिक्त हालिया घटनाओं में सड़क किनारे हुए विस्फोटों और अन्य हमलों में भी कई शांति सैनिकों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं के बीच क्षेत्र में इज़राइल और लेबनान के विद्रोही संगठन हिज़्बुल्लाह के बीच बढ़ते तनाव ने स्थिति को और जटिल बना दिया है, जिससे यूनिफिल मिशन के समक्ष सुरक्षा चुनौतियां बढ़ गई हैं।










