जम्मू, 27 मार्च।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को विधानसभा में “ईरान पर थोपे गए अन्यायपूर्ण और अवैध युद्ध” की तीव्र निंदा की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की कि वे मानवता की दृष्टि से इस संघर्ष को रोकने के लिए अपने कूटनीतिक संबंधों और प्रभाव का उपयोग करें।
यह घोषणा उस समय हुई जब नेशनल कॉन्फ्रेंस के कई सदस्य इस मुद्दे पर सदन में प्रतिक्रिया देने के लिए दबाव डाल रहे थे। हालांकि, भाजपा विधायकों ने कहा कि ईरान से जुड़ा मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर का है और इसे विधानसभा के अधिकार क्षेत्र में नहीं लाया जा सकता।
सदन के नेता के रूप में बोलते हुए उमर अब्दुल्ला ने अपनी पार्टी और सहयोगियों की ओर से इस युद्ध की कड़ी निंदा की और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई तथा इस संघर्ष में जान गंवाने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत जैसे प्रभावशाली देश को शांति स्थापना में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे सभी उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक साधनों का उपयोग कर इस युद्ध को यथाशीघ्र समाप्त कराने के प्रयास करें।
अब्दुल्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि यह संघर्ष केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा सकता है। उनका मानना है कि युद्ध समाप्त होने से प्रभावित देशों को राहत मिलेगी और पूरी मानवता इसका लाभ उठाएगी।
विधानसभा में इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच मतभेद देखे गए, लेकिन मुख्यमंत्री ने अंततः शांति और कूटनीति के जरिए समाधान खोजने पर जोर दिया।











