काठमांडू, 31 अक्टूबर।
चक्रवात 'अर्नब' के प्रचंड असर के चलते नेपाल के पर्वतीय इलाकों में जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है, जहां ऊपरी मुस्तांग क्षेत्र में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश ने आफत खड़ा कर दिया है। प्रतिकूल मौसम के कारण नेपाल-चीन सीमा पर स्थित महत्वपूर्ण कोराला नाके पर दो से तीन फीट तक बर्फ जम चुकी है, जिससे आयात-निर्यात समेत तमाम सीमा पार गतिविधियां पूरी तरह थम गई हैं। स्थानीय प्रशासन और सशस्त्र पुलिस बल ने सुरक्षा के मद्देनजर वाहनों, कंटेनर ट्रकों तथा पर्यटकों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है, वहीं जोमसोम से छुसांग के बीच हुए भूस्खलन ने जोमसोम-कोराला मार्ग को भी पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है।
लोमान्थांग और दामोदरकुंड सहित ऊंचाई वाले ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार रात से जारी इस भारी बर्फबारी को अक्टूबर के महीने में ऐतिहासिक और अप्रत्याशित माना जा रहा है। अत्यधिक बर्फबारी और लगातार गिरते तापमान के कारण स्थानीय लोगों, पशुपालकों और पर्यटकों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रमुख जिला अधिकारी परशुराम पोखरेल ने बताया कि मौसम सामान्य होने और बर्फ हटाने का काम पूरा होने तक सीमा व्यापार और यातायात स्थगित रहेगा, साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में सभी से सतर्कता बरतने की अपील की गई है।















