भोपाल, 26 मार्च।
मध्य प्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय, स्कूल शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की दिशा में विज्ञान शिक्षा को और सशक्त बनाने की पहल की है। इसी क्रम में विज्ञान विषय के शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
लोक शिक्षण आयुक्त शिल्पा गुप्ता ने बताया कि इस प्रशिक्षण में भौतिकी, रसायन और गणित (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) विषयों के शिक्षकों को प्रयोगशालाओं के बेहतर उपयोग और प्रायोगिक शिक्षण को प्रभावी बनाने की जानकारी दी जाएगी। यह कार्यक्रम 28 मार्च से 2 अप्रैल तक भोपाल स्थित राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (NTTTR) में आयोजित किया जाएगा। इस पहल से शिक्षकों की दक्षता बढ़ेगी और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण, व्यावहारिक विज्ञान शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
शिल्पा गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का आधार है—शिक्षण संस्थान वह स्थान होना चाहिए जहां प्रत्येक छात्र का स्वागत और देखभाल हो, सुरक्षित और प्रेरणादायक वातावरण मिले, तथा विविध अनुभवों के माध्यम से सीखने के अवसर उपलब्ध हों। इसी सिद्धांत के अनुरूप विभाग ने हाई और हायर सेकंडरी स्कूलों में प्रयोगशालाओं और अन्य शिक्षण संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की है। अब यह शिक्षक समुदाय की जिम्मेदारी है कि इन संसाधनों का कक्षा में पूर्ण उपयोग करें ताकि छात्र रुचिपूर्वक अध्ययन कर सकें।
इस प्रशिक्षण पहल का संचालन NTTTR के सहयोग से किया जा रहा है और यह भारत सरकार के “Skill India” और “Developed India @2047” विज़न के अनुरूप है। इसका उद्देश्य शिक्षकों की दक्षता बढ़ाना और कौशल-आधारित शिक्षा के माध्यम से छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करना है।
अपर परियोजना संचालक नंदा भलावे कुशरे ने बताया कि यह प्रदेश में विज्ञान शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहला प्रशिक्षण है। इसमें कक्षा 9 से 12 तक विज्ञान संकाय के लगभग 17,000 शिक्षक शामिल होंगे। प्रशिक्षण का पहला चरण 28 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें 416 मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर अपने-अपने जिलों में शिक्षक प्रशिक्षण देंगे।
कुशरे ने बताया कि इसका उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना, प्रयोगशालाओं का व्यावहारिक उपयोग समझाना, और तार्किक क्षमता को बढ़ाना है। प्रशिक्षण के लिए सभी कक्षाओं के लिए अलग-अलग मॉड्यूल तैयार किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक प्रयोग के सिद्धांत, उद्देश्य, कार्यविधि, प्रेक्षण, परिणाम, सावधानियां और प्रश्नोत्तर व्यवस्थित रूप से शामिल हैं।




.jpg)
.jpg)

.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)


