उज्जैन, 03 अप्रैल 2026।
मध्य प्रदेश सरकार ने उज्जैन में होने वाले 2028 के सिंहस्थ महाकुम्भ के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा सुधार की घोषणा की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि उज्जैन में नए बाईपास सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिसकी लागत 700 करोड़ रुपये से अधिक होगी।
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “महाकाल: समय के मालिक” के दौरान इस महत्वाकांक्षी बाईपास परियोजना की भूमि पूजन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह बाईपास विशेष रूप से सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने उज्जैनवासियों को आधुनिक बुनियादी ढांचे का यह महत्वपूर्ण उपहार मिलने पर बधाई भी दी।
सिंहस्थ महाकुम्भ की वैश्विक अहमियत को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल किसी एक शहर, राज्य या देश का महापर्व नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया का सबसे बड़ा संगम है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर इस महाआयोजन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार न केवल आध्यात्मिक और वैज्ञानिक विकास पर ध्यान दे रही है, बल्कि उज्जैन में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण पर भी जोर दे रही है, ताकि 35 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं की अपेक्षित भीड़ को संभाला जा सके।
नई बाईपास सड़क से इस विशाल आयोजन के दौरान भारी यातायात जाम को कम करने और तीर्थयात्रियों व आगंतुकों के लिए सुगम परिवहन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने उज्जैन को “टाइम कैपिटल” और आधुनिक साइंस सिटी के रूप में विकसित करने की भी योजना बताई, जो यह दर्शाती है कि सरकार सिंहस्थ 2028 के लिए आध्यात्म, विज्ञान और बुनियादी ढांचे को एकीकृत दृष्टिकोण से जोड़ रही है।
इसके अलावा, उन्होंने महाकालेश्वर मंदिर तक जाने वाले प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण, नए पार्किंग क्षेत्र, आधुनिक बस टर्मिनल और शहर में अपग्रेडेड ड्रेनेज व सीवरेज सिस्टम जैसी कई अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की भी घोषणा की।
राज्य सरकार ने उज्जैन में अगले दो वर्षों में कुल 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि विशेष रूप से बुनियादी ढांचे के विकास के लिए निर्धारित की है।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने नए हेलिपैड के निर्माण, हवाई अड्डे की सुविधाओं में सुधार और स्मार्ट सिटी सुविधाओं के विकास की भी घोषणा की, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को विश्व स्तरीय अनुभव सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सरकार का उद्देश्य सिंहस्थ 2028 को वैश्विक स्तर पर भव्य और सुव्यवस्थित आध्यात्मिक आयोजन के रूप में आयोजित करना है।


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