भोपाल, 27 अप्रैल।
मध्य प्रदेश में मौसम के तीखे तेवर इस समय चरम पर पहुंच गए हैं और अप्रैल में ही गर्मी ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। रविवार को कई इलाकों में तेज हवाओं और हल्की बारिश के बावजूद तापमान में तेजी से उछाल देखा गया, जिससे कई शहर भीषण गर्मी की चपेट में आ गए। खजुराहो में पहली बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि इंदौर में छह साल और भोपाल तथा जबलपुर में तीन साल पुराने तापमान रिकॉर्ड टूट गए।
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए राज्य के 13 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। इनमें इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, शाजापुर, देवास, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट और छिंदवाड़ा शामिल हैं। इंदौर और उज्जैन में दिन के साथ रात के समय भी गर्म हवाओं का असर बने रहने की संभावना है। वहीं श्योपुर, मुरैना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि भोपाल, जबलपुर सहित अन्य जिलों में गर्मी का प्रभाव जारी रहेगा।
रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। नौगांव में 44.6 डिग्री, सागर और नर्मदापुरम में 44.4 डिग्री, दमोह में 44.2 डिग्री तथा श्योपुर, मंडला, दतिया और टीकमगढ़ में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। शाजापुर में 43.7 डिग्री, रायसेन, सतना, रतलाम और गुना में 43.6 डिग्री, रीवा और मलाजखंड में 43.5 डिग्री, सीधी में 43.4 डिग्री और बैतूल में 43 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में भोपाल और इंदौर 43 डिग्री, जबलपुर 43.5 डिग्री, ग्वालियर 42.9 डिग्री और उज्जैन 42.5 डिग्री पर रहा।
इंदौर में इस बार अप्रैल का तापमान 43 डिग्री तक पहुंचकर 2019 के बाद का सबसे अधिक स्तर रहा और छह साल का रिकॉर्ड टूट गया। भोपाल में यह स्थिति पिछले एक दशक में तीसरा सबसे गर्म दिन रही, जबकि जबलपुर में तीन साल बाद इतनी अधिक गर्मी दर्ज की गई।
भीषण गर्मी के बीच रविवार को कई क्षेत्रों में वर्षा भी देखने को मिली। इंदौर, महू, भोपाल, सीहोर, रतलाम, शाजापुर, सागर और विदिशा के गंजबासौदा सहित कई स्थानों पर कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार मध्य भाग में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण यह बदलाव हुआ है, साथ ही आने वाले तीन दिनों तक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।









